Chandpole Gate Jaipur : जयपुर को ज्योतिष और वास्तु के आधार पर बसाया गया था। इसी कड़ी में जयपुर की चारों दिशाओं में भव्य दरवाजे प्रवेश औऱ निकास के हिसाब से बनाए गए थे। दिलचस्प यह है कि पूरब दिशा के सूरजपोल से पश्चिम दिशा के चांदपोल गेट बिल्कुल आमने सामने हैं। एक इंच का भी अंतर नहीं है। जब वाहनों का रेलमपेल ना हो ता इसे आसानी से देखा जा सकता है। कैमरे में कैद किया जा सकता है।आज हम आपको चांदपोल गेट की कहानी बताते हैं। जयपुर का चांदपोल गेट (Chandpole Gate) गुलाबी शहर की पश्चिमी दीवार पर स्थित एक ऐतिहासिक प्रवेश द्वार है, जो सूरजपोल के विपरीत दिशा में है, और यह अपनी पारंपरिक राजपूत वास्तुकला, हनुमान मंदिर और जीवंत चांदपोल बाज़ार के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ सदियों से कलाकृतियाँ, कपड़े और जरूरत का सभी सामान मिलता हैं और यह शहर का एक प्रमुख और व्यस्त बाज़ार है जो बिना किसी प्रवेश शुल्क के 24 घंटे खुला रहता है।
जयपुर के चांदपोल गेट की मुख्य विशेषताएँ
(Chandpole Gate Jaipur Specialities)
- 1. जयपुर की चारदीवारी के पश्चिमी भाग में, छोटी चौपड़ के पास।
- 2. महाराजा सवाई जय सिंह 2 ने 18वीं सदी की शुरुआत में बनवाया था।
- 3. इसमें एक बड़ा केंद्रीय मेहराब और दो छोटे द्वार हैं, जो पारंपरिक राजपूत शैली को दर्शाते हैं।
- 4. इसके नाम पर एक प्रसिद्ध और सक्रिय बाज़ार है, जो सभी तरह के सामानों के लिए जाना जाता है।
- 5. यह पुराने जयपुर के प्रवेश और निकास के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु था, और ऊपर नौबत (संगीत) का प्रदर्शन होता था।
- 6. यह सार्वजनिक स्मारक है और इसपर कोई प्रवेश शुल्क नहीं है; यह 24 घंटे खुला रहता है।
- 7. गेट के पास एक प्राचीन और महत्वपूर्ण हनुमान मंदिर स्थित है।