Jaipur Chaupar : जयपुर अपनी खूबसूरती और नियोजित बसावट के कारण पूरी दुनिया की पहली पसंद बना हुआ है। यहां की एक समान बिल्डिंग, एक रंग, चौड़ी सड़कें सब कछ ऐसा है, जैसा दुनिया में कहीं नहीं है। लाखों सैलानी हर साल इस खूबसूरत शहर को अपने साथ लेकर जाते हैं। इस शहर का हर कोना लोगों का ध्यान खीचती है, वहीं शहर की चौपड़ें जो वास्तु और ज्योतिष के आधार पर बनी होने के साथ साथ अपना ऐतिहासिक महत्व रखती है। शहर की इसे धडकन माना जाता है। जयपुर शहर में तीन चौपड़ हैं, जो पूरी तरह वर्गाकार है। शहर का चारों दिशाओं में जाने वालो को रास्ता देती है। इन चौपड़ों के बीच में रंग बिरंगे फव्वारे लगे हुए हैं और अब तो इनके नीचे मेट्रो स्टेशन औऱ मेट्रो रेल लाइन भी गुजर रही है। जो बताती है कि इनकी ताकत को।
मुख्य चौपड़ें:
बड़ी चौपड़ (Manak Chowk): यह हवा महल के पास, शहर के बीचोंबीच स्थित है, जो रामगंज बाजार और त्रिपोलिया बाजार के जंक्शन पर है, और जौहरी बाजारभी यहीं है। दक्षिण से जौहरी बाजार, पश्चिम से त्रिपोलिया बाजार, उत्तर से हवामहल बाजार और पूरब से राम गंज बाजार आकर मिलता है।
छोटी चौपड़ (Amber Chowk): यह किशनपोल, चांदपोल और त्रिपोलिया बाजारों के बीच है, जो पुराने समय में सरस्वती कुंड के लिए जानी जाती थी और अब यहाँ ऐतिहासिक ‘कुंड’ के अवशेष भी मिले हैं। जयपुर से जिसे पश्चिम रास्ते से चांदपोल गेट देखने जाना है, वो इस बाजार से गुजरता है। पहाड़ों पर बिराजे गढ़ गणेश के लिए छोटी चौपड़ से उत्तर की ओऱ गणगौरी बाजार से जाया जाता है। जो व्यक्ति किशनपोल बाजार होकर शहर से बाहर जाना चाहता है, उसके लिए इसके दक्षिण से किशनपोल गेट का उपयोग किया जाता है।
रामगंज चौपड़ (Ramganj Chaupar): यह घाटगेट और रामगंज बाजारों के बीच है, और यहाँ कभी महाकाली यज्ञ हुआ करता था। जयपुर की पूरब दिशा स्थित गलता जी और पहाड़ी के प्राचीनतम सूर्य मंदिर जाने के लिए इसी से होकर गुजरना होता है। जोरावर से सिंह गेट जाने के उत्तर दिशा से चार दरवाजे होते हुए जोरावर सिंह गेट पारकर आमेर के रास्ते को मिलाता है।
खासियत
1.महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा वास्तुशास्त्र के सिद्धांतों पर आधारित शहर की योजना के तहत बनाई गई थीं।
2. ये चौपड़ विभिन्न पारंपरिक और सदाबहार बाजारों से घिरे हैं, जहाँ ग्राहक हमेशा आते रहते हैं।
3. प्रत्येक चौपड़ से जुड़े धार्मिक स्थान और ऐतिहासिक कुंड (जल स्रोत) थे, जो शहर के विकास का हिस्सा थे।
4. अब बड़ी चौपड़ पर जयपुर मेट्रो स्टेशन भी है, और इन चौपड़ों का पुनरुद्धार किया गया है ताकि इनका ऐतिहासिक स्वरूप बना रहे।
5. जयपुर की चौपड़ें सिर्फ चौराहें नहीं, बल्कि शहर के इतिहास, संस्कृति और व्यापार का धड़कता हुआ केंद्र हैं, जो आज भी गुलाबी शहर की पहचान हैं।