जयपुर के दरवाज़े (Gates of Jaipur)-जयपुर अपनी हर बात के लिए जाना जाता है। यहां का शिल्प हो या स्थापत्य। खूबसूरत बनावट हो या एक समान गुलाबी रंग। बाजारों की रौनक हो या तीज-त्यौहार के उत्सव। इनके साथ ही जयपुर में प्रवेश और निकास के लिए बनाए गए दरवाजों का अपना इतिहास है। ये दरवाजे इस शहर को औऱ आकर्षित बनाते हैं। इतना ही नहीं बल्कि राजा के महल (सिटी पैलेस) में दरवाजे मौसम के अनुकूल बनाए गए हैं और इनके नाम भी मौसम पर ही रखे गए हैं।
जयपुर के प्रमुख दरवाज़े
(Major Gates of the Jaipur Walled City)
(Major Gates of the Jaipur Walled City)
1. अजमेरी गेट (Ajmeri Gate):
अजमेर की ओर जाता है, मूल नाम कृष्ण पोल है। कृष्णपोल के कारण ही इसके बाजार का नाम किशनपोल रखा गया है। अजमेर की तरफ जाने औऱ वहां से शहर में आने वालों को ध्यान में रखकर ये दरवाजे बनाए गए हैं। एक बहुत बड़ा दरवाजा है। उसके दोनों ओर एक एक दरवाजा है।
2. सांगानेरी गेट (Sanganeri Gate):
सांगानेर की ओर जाने वाला, मूल नाम शिव पोल है। अब शिव पोल के स्थान पर इसे सांगानेरी गेट के नाम से जाना जाता है।
3. चांदपोल गेट (Chandpole Gate):
पश्चिमी प्रवेश द्वार, मूल नाम चंद्र पोल है। जयपुर में पश्चिम दिशा से प्रवेश करने वालों के लिए यह बनाया गया है। इसके मुख्य द्वार पर ही भव्य हनुमानजी का मंदिर है। आतंकियों ने इस मंदिर को निशाना बनाकर बम ब्लास्ट किए थे। लेकिन ना तो मंदिर को कोई नुकसान हुआ, ना ही दरवाजों को।
4. घाट गेट (Ghat Gate):
पूर्वी प्रवेश द्वार, राम पोल के नाम से भी जाना जाता है। इसे भी अब राम पोल के नाम से बहुत कम लोग जानते हैं। आगरा की साइड से जयपुर में प्रवेश करने वालों के लिए यह दरवाजे बनाए गए थे।
5. सूरजपोल गेट (Surajpole Gate):
सूर्य पोल, पूर्वी दिशा का द्वार। सूरज पूरब से उगता है। यह दरवाजा पूर्वी दिशा में होने के कारण इसका नाम सूरजपोल रखा गया।
6. जोरावरसिंह गेट (Zorawar Singh Gate):
उत्तर दिशा में स्थित, ध्रुव पोल के नाम से भी जाना जाता है, जो दिल्ली से आने वालों के लिए पहला द्वार था।
7. त्रिपोलिया गेट (Tripolia Gate):
चारदीवारी का सबसे लंबा सुरंग जैसा गेट, मूल नाम नृसिंह पोल है। इसमें से जनता का प्रवेश वर्जित है। सिर्फ राजघराने के लोगों का ही प्रवेश संभव है। और दरवाजे गुलाबी रंग के हैं, मगर यह दरवाजे पीले रंग से होने के कारण अलग ही आर्कषण हैं।
8. ब्रह्मपुरी गेट (Brahmpuri Gate):
ब्रह्म पोल नाम से भी जाना जाता है, ब्रह्मपुरी के पास स्थित है।
9. गंगापोल (Gangapole):
बास बदनपुरा में स्थित एक अन्य प्रमुख द्वार।
10. सिरहड्योढ़ी (Sirhadhi Darwaza):
अयोध्या पोल के नाम से भी जाना जाता है।
सिटी पैलेस के चार ऋतु द्वार
(Four Seasonal Gates of the City Palace)
(Four Seasonal Gates of the City Palace)
1. मोर द्वार (Peacock Gate): शरद ऋतु का प्रतीक, भगवान विष्णु को समर्पित।
2. कमल द्वार (Lotus Gate): ग्रीष्म ऋतु का प्रतीक, भगवान शिव और पार्वती को समर्पित।
3. गुलाब द्वार (Rose Gate): शीत ऋतु का प्रतीक, देवी को समर्पित।
4. हरा/लहरिया द्वार (Green/Lehariya Gate): बसंत ऋतु का प्रतीक, भगवान गणेश को समर्पित।