– डा. उरुक्रम शर्मा
Opinion : आखिर युवराज की छटपटाहट क्या है? क्या सदन में माहौल खराब करने से प्रधानमंत्री की कुर्सी मिल जाएगी? क्या सिख मंत्री को गद्दार कहने से समूचे सिख समुदाय का अपमानकरके सत्ता मिल जाएगी? क्या प्रधानमंत्री के खिलाफ असंसदीय टिप्पणियां करके पीएम बना जा सकता है? क्या मोदी की कब्र खोदने जितना दम है क्या? क्या विदेशों में जाकर भारत की बुराइयां करने से सत्ता मिल सकती है? क्या पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक से हल्ला मचा कर भारत की कुर्सी मिल सकती है क्या। सर को लेकर पूरे देश में माहौल खराब करने से कुछ हासिल हो सकता है क्या। सेना का अपमान करके कुछ हो सकता है क्या? प्रधानमंत्री को रोज गाालियां देकर उनकी जगह आ सकते हैं क्या? क्या गांधी का नाम चुराने से गांधी के गुण आ सकते हैं क्या? हिन्दुस्तान की जनता से पूछो, तो हर सवाल का जवाब एक ही मिलेगा। देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए देश का दिल जीतना जरूरी है। अब तक कितने चुनाव हारे, इसका क्या विश्लेषण किया। यदि हां तो दूसरे चुनाव में उसका कोई असर क्यों नहीं दिखा। बिहार में SIR को लेकर जनता भ्रमित करने का काम किया, मगर परिणाम बिहार से साफ हो गया इंडी।
समझ से परे है कि आखिर हर कदम पर देश की सरकार, लोकतंत्र को बदनाम करने के पीछे क्या एजेंडा है। देश की संसद पर लाखों रुपए रोज खर्च होते हैं.संसद में नीति-नियम औऱ देश के विकास पर मंथन किया जाता है, लेकिन यह सब कुछ ना हो, इसके लिए ऐसे विषय उठाना, जिनका कोई अर्थ ही नहीं होता है। तो स्वाभाविक है कि इसके पीछे से देश विरोधी शक्तियां अपना असर दिखा रही है।
युवराज और उनकी पार्टी भूल जाते हैं कि उनकी दादी ने अपने स्वार्थों के चलते संविधान की हत्या करने की कोशिश की थी। देश में इमरजेंसी लगाकर तानाशाही की थी। ऐसे हजारों उदाहरण हैं जो उनके परिवार के किस्सों की सचाई बताते हैं। देश की कुर्सी हासिल करने के लिए जिन्ना से समझौता करके भारत के टुकड़े किए। चीन ने भारत की जमीन कब्जा ली, तो कहा, वो बंजर भूमि थी। यानि जो भारत को जमीन का टुकड़ा समझे, मां नहीं तो उनसे देश की वैभूूदी की कल्पना नहीं की जा सकती है। देश से गरीबी हटाओ का नारा देकर सदा सत्ता हासिल की, उनसे गरीबी तो हटी नहीं बल्कि गरीबों के पैसे से अपने घर जरूर भर गए। उनके पिता ने तुष्टिकरण के चलते शाहबानो केस में देश का संविधान ही बदल दिया। नेहरू के समय धारा 370 लगाकर कश्मीर को अलग थलग किया। संसद में बवाल मचाकर संसद को बाधित करना इनका एकमात्र मकसद नजर आने लगा है। जब जवाब सुनने का समय आता है तो संसद छोड़कर भाग जाते हैं। वो जानते हैं कि अब मोदी एक एक करके समूचे विपक्ष को तार तार कर देगा। वो भले ही भाग जाते हैं लेकिन मोदी जो जो सदन में जवाब मे देते हैं, वो तो सब रिकार्ड पर आ जाते हैं। हमेशा उनका जिक्र होगा।
देश अब समझ चुका। देश को भ्रमित करना अब किसी के बस का नहीं है। देश तरक्की कर रहा है, यह युवराज के गले नहीं उतर रहा है। इनके दौर में सेना के पास वर्दी जूते तक नहीं थे। हथियार खरीदने के पैसे नहीं थे। यह सब रिकार्ड पर है। अब भारत का सैनिक और सेना बहुत मजबूत हो चुकी। भारत हथियार बेचने वाला बड़ा देश बन चुका। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी सैन्य ताकत बन चुका।
आर्थिक रूप से चौथा सबसे बड़ा देश बन चुका। अपने दम पर आसमां में जाने की ताकत रखता है। यह सब इनको फूटी आंख नहीं सुहा रहा। वैसे देश में 10-12 साल में जो विकास हुआ है, उसने दुनिया के सामने भारत की तस्वीर बदली है। भारत का नागरिक अब खुद को गौरान्वित महसूस करने लग है। अब युवराज को सोचना पड़ेगा, वैसे मोदी एंड टीम ने उन्हें पूरी तरह बेनकाब करने का ताबीज बना रखा है।