Babulal Kharadi vs Rajkumar Roat vs Ganesh Ghogra : भाजपा की राजस्थान सरकार के जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने बांसवाड़ा डूंगरपुर के सांसद राजकुमार रोत और डूंगरपुर से कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा पर जमकर बरसे। उन्होंंने दोनों पर जमकर आरोप लगाए और खुद पर लगाए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा, एक रूपए की गड़बड़ी का आरोप साबित हो जाए तो वो राजनीति छोड़ देंगे, या आरोप लगाने वाले छोड़ देना। खराड़ी रोत और घोघरा आदिवासी क्षेत्र से होने मगर विपरीत पार्टियों के होने के कारण आपस में राजनीतिक युद्ध चलता रहता है औऱ राजनीतिक दुश्मनी परवान पर है। खराडी ने सांसद रोत पर जिस तरह की बातें की है, उससे हंगामा मचना तय माना जा रहा है।
रोत से पूछा, कौनसे खेत में नोटों की खेती की?
खराड़ी ने भारत आदिवासी पार्टी के सांसद राजकुमार रोत पर आरोप लगाते हुए कहा कि राजकुमार बताए कि कौनसे खेत में नोटों की खेती की, जो 5 साल में करोड़पति बन गए। वे सिर्फ आरोप लगाकर गुमराह करने की बाते करते हैं। उनका एक विधायक जयकृष्ण पटेल विधानसभा में प्रश्न लगाने के लिए 10 करोड़ रुपए मांगता है और धमकाता है कि पैसा दो नहीं तो रोड पर ले आऊंगा। फिर आपस में बैठकर समझौता कर लेते हैं और 2 करोड़ में सौदा तय होता है। 1 लाख रुपए घर पर ले लेता है। 20 लाख रुपए जयपुर में लेने के बाद गिनता है। एसीबी पकड़ती है तो पीए पैसे लेकर भाग जाता है, लेकिन एसीबी ने हाथ धुलवाए तो रंग आ गया। नोट मिले तो बताए कि कोनसा दूध बेचा या घी बेचा। जिससे इतने रुपए आए। फिर कहते है षड्यंत्र किया है। किस बात का षड्यंत्र। ये लूट की दुकानें खोल रखी है।
घोघरा गुण्डागर्दी पर उतरे हैं
मंत्री ने कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा की ओर से विधानसभा में लगाए गए आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि गणेश घोघरा गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। एक जनप्रतिनिधि का ऐसा स्वभाव नहीं होना चाहिए। उनका तरीका ठीक नहीं है। कई बार वे अधिकारियों से उलझ जाते हैं। उनसे झगड़ने लग जाते हैं। यह राजनीतिक व्यक्ति का काम नहीं है। जनता का चुनाव हुआ जिम्मेदार व्यक्ति को ऐसा नहीं करना चाहिए।
मंत्री ने कहा कि मुझ पर जो आरोप लगाए हैं उसे लेकर मैंने विधानसभा में ही उन्हें खुली चुनौती दी थी। वह 1 रुपए का भी आरोप साबित करके बता दें तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा या वे राजनीति छोड़ने के लिए तैयार रहें। मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने डूंगरपुर से कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओर विधायक गणेश घोघरा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कुछ करनामें है। कोई दूध से धुले हुए नहीं है। घोघरा पंचायत समिति डूंगरपुर में क्वार्टर नंबर 9 में किसके इशारे पर ओर किसके कहने पर रह रहे हैं। ये बताएं।
2022-23 में ये क्वार्टर किसी के नाम पर अलॉट था। उस समय तक वह किराया और बिल भरता था, लेकिन 2023 के बाद से अब तक इसका न तो बिजली बिल भरा है और न ही किराया। ये अवैध नहीं तो ओर क्या है। गणेश घोघरा के नाम पर जमीन घोटाले की 2 एफआईआर भी दर्ज है। मंत्री ने दोनों एफआईआर की कॉपी दिखाते हुए कहा कि एक एफआईआर 13 मार्च 2024 ओर दूसरी 18 मई 2022 को दर्ज है। अगर वे झूठे आरोप लगा रहे है तो उनके सभी घोटालों की पूरी जांच होगी। मनरेगा में कितनी गड़बड़ियां की है। काम नहीं हुए ओर पैसा उठा लिया।