Govind Singh Dotasra : क्या नेता अपनी सीट छोड़ना नहीं चाहते हैं। क्या अपनी सीट को विरासत के तौर पर अपनी संतान के लिए देना चाहते हैं। क्या नेता दूसरे कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ता नहीं देखना चाहते हैं। क्या नेताओं को अपनी सीट सरकने का डर सताता रहता है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के अनुसार सबका जवाब हां है। यदि जवाब हां है तो कांग्रेस शासन के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शीशराम ओला, रमा पायलट, कुंभाराम आर्य, परसराम मदेरणा, रामसिंह विश्नोई पर सीधा निशाना है और आज के सांसद-विधायकों पर सीधे तौर पर प्रहार है।
डोटासरा ने इस तरह की बातें कांस्टीट्यूशनल क्लब में कांग्रेस जिला परिषद सदस्यों के सम्मेलन में कही। उन्होंने बड़े नेताओं को टारगेट किया। कटाक्ष के लहजे में कहा, हममें एक कमी है कि हर नेता, सांसद-विधायक अपनी सीट सुरक्षित रखना चाहता है। खुद नहीं तो अपने बेटों के लिए सीट सुरक्षित रखना चाहता है। निचले स्तर के संगठन के ढांचे को ना तो मजबूत करता है ना ही कार्यकर्ताओं को आगे आने देता है। वो चाहता है कि निचले स्तर पर पद ऐसा कार्यकर्ता को दिलााय जाए, जो उसके जिन्दाबाद के नारे लगाए। पीछे खड़ा रहे। कभी आगे आकर चुनौती ना बन जाए। वो हमेशा सोचता है कि कल को यह प्रधान बन गया तो मेरी एमएलए सीट पर दावेदारी करेगा।
नेता नीचे के सिस्टम में गर्दन झुकाए रखने वाला नेत चाहता है
डोटासरा ने कहा- नेता नीचे के सिस्टम में ऐसा आदमी देखता है, जो कभी उसके सामने गर्दन ऊपर नहीं करे। बराबर बैठने की व्यवस्था नहीं करे, पीछे खड़ा रहे। जब मैं देखूं तो नेताजी जिंदाबाद के नारे लगाए। यह हमारी कमजोरी है। यह पूरी राजनीति की कमजोरी है। यह मैं एक पर नहीं कह रहा। किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं कह रहा। यह राजनीति की कमजोरी है।
नेता चाहता है कि कोई उससे ऊपर ना निकले
हम चाहते हैं कि हमारे ऊपर कोई नहीं निकले कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- दिक्कत दोनों तरफ है। हम चाहते हैं कि हमारे ऊपर कोई नहीं निकले। आप चाहते हो कि एक सीढ़ी और चढ़ जाएं तो एमएलए की सीट मेरी हो जाए। हर नेता सोचता है मेरे में क्या कमी है?
शीशराम ओला को निशाने पर लिया
डोटासरा ने सीकर के एक दिवंगत नेता का किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक डॉक्टर फतेहपुर से पीसीसी मेंबर बनने के लिए पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नारायण सिंह के पास गए। नारायण सिंह ने उन्हें तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शीशराम ओला के पास भेजा। डॉक्टर ओला से मिले। डॉक्टर ने ओला को उनके सामाजिक-राजनीतिक योगदान पर उनकी छपवाई किताब का हवाला दिया। तब ओला ने उन डॉक्टर को कहा कि जो काम मैंने किया, उसमें किताब में ही मुझे इतना छोटा कर दिया। जब पीसीसी मेंबर बन गया तो मेरा क्या हाल करेगा, इसलिए नहीं बनेगा।
सांप सीढ़ी का खेला
सांप-सीढ़ी का खेल है, इसमें योग्य व्यक्तियों की बलि चढ़ जाती है कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- हममें भी सब्र कम है और आपको भी जल्दी है। पूरी शक्ति लगा देते हैं, यह सांप-सीढ़ी का खेल है। इसमें कहीं न कहीं योग्य व्यक्तियों की बलि चढ़ जाती है। योग्य व्यक्ति पीछे हो जाता है।