Rajasthan 104 Janani Express Service Closed : सरकारी तंत्र की लापरवाही और गैर जिम्मेदारान रवैये के कारण अब गर्भवती महिलाओं को प्रसव तक अस्पताल आने जाने में तकलीफ का सामना करना पड़ेगा। टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण यह हालात पैदा हुए हैं। एक महीने से इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अब जाकर सरकारी तंत्र ने वैकल्पिक व्यवस्था की है, वो सिर्फ सरकारी अफसरो की जान बचाने की एक कोशिश है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सबको उचित चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयासरत हैं,लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण समस्याएं खड़ी हो रही है।
104 की जगह अब 108
पिछले साल 10 दिसंबर को 104 जननी एक्सप्रेस सेवा का अनुबंध समाप्त हो गया था, अनुबंध खत्म होने से पहले किसी की आंख नहीं खुली। इतना ही नहीं बल्कि खत्म होने के दो हफ्ते बाद टेंडर का प्रोसेस शुरू किया गया, जो अब तक भी जारी है। हालांकि सरकार ने 108 पर कॉल करके गर्भवती और प्रसव (डिलीवरी) बाद महिला को लाने, ले-जाने की सर्विस का इंतजाम किया है। आमजन को फिलहाल 104 की जगह गर्भवती के लिए 108 की सेवाएं लेनी होगी।
10 दिसंबर को खत्म हुआ था कॉन्ट्रैक्ट
दरअसल 104 जननी एक्सप्रेस सेवा का संचालन मॉर्डन इमरजेंसी सर्विसेज के पास था। इस कंपनी का कॉन्ट्रेक्ट पिछले महीने 10 दिसंबर को खत्म हो गया। इस सर्विस के जरिए प्रदेशभर में 600 एम्बुलेंस संचालित की जाती थी। इन एम्बुलेंस में गर्भवती महिला को घर से हॉस्पिटल ले जाने और प्रसव के बाद उसे वापस घर लौटाने की सुविधा दी जाती थी। अब नेशनल हैल्थ मिशन (NHM) ने अब 108 एम्बुलेंस सेवा पर इस सर्विस को वैकल्पिक तौर पर शुरू करने के आदेश दिए है। उन्होंने अति आवश्यक होने पर 108 पर एम्बुलेंस की सेवाएं इन गर्भवती महिलाओं के लिए देने के आदेश दिए है। ये सेवाएं तब तक जारी रखने के निर्देश दिए है जब तक 104 सेवा में लगी तमाम एम्बुलेंस गाड़ियां संबंधित जिलों के सीएमएचओ या संबंधित अधिकारी को सुपुर्द नहीं कर दी जाती।