Udaipur Jharol : हिन्दुस्तान में वैसे तो कश्मीर को स्वर्ग कहा जाता है, लेकिन राजस्थान में भी एक कश्मीर जैसा स्वर्ग है। एक बार आपने उसे क्षेत्र का दौरा कर लिया तो जीवन भर यादों से खूबसूरती को निकाला जाना संभव नहीं है। उदयपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर अरावली की वादियों में बसे झाडोल क्षेत्र में ऐसे पयर्टन स्थल हैं, जहां लोग कम पहुंचते हैं, लेकिन जो जाते हैं, वो भूल नहीं पाते हैं। मानसून के बाद सर्दियों में तो इस नैसर्गिक सुन्दरता को लुत्फ अलग ही आनंद देता है। अब तो राजस्थानी फिल्मों की शूटिंग की भी यह क्षेत्र पसंद बनता जा रहा है। राजस्थानी बाहुबली, पटेलन जैसी फिल्मों की यहां शूटिंग हुई है।
मुख्य पयर्टन स्थल जिन्हें जरूर देखना चाहिए –
श्री हरिहर मंदिर
उदयपुर जिले से लगभग 52 किलोमीटर दूर बदराणा गाँव मे एक प्राचीन मंदिर स्थित है। यह मंदिर है भगवान श्री हरिहर जी का। इस मूर्ति को भगवान विष्णु और शिव के रूप को मिलाकर बनाया गया हैं। एक तरफ भगवान शिव का स्वरूप दिखता है वही दूसरी और भगवान श्री विष्णु का रूप दिखाई देता है। बदराणा के पास ही गोगला में प्रसिद्ध तीर्थ स्थल आद्याशक्ति माताजी का मंदिर और मंशापूर्ण गणेश जी का मंदिर भी है। यह तीनों मंदिर धार्मिक स्थल के रूप में विकसित है और यहाँ हर वर्ष हजारों लोग आते है।
रामकुंडा महादेव –
उदयपुर से लगभग 80 किलोमीटर दूर ओगणा के पास अरावली की पहाड़ियों के बीच बसा रामकुंडा महादेव मंदिर प्रसिद्ध तीर्थ स्थल के साथ ही पिकनिक स्पॉट भी है। मंदिर के पास ही एक कुंड बना हुआ है जिसमें लगभग अस्सी फीट की ऊंचाई से सदाबहार झरना गिरता रहता है। इस कुंड की खासियत यह है कि भीषण गर्मी के दौरान भी यहाँ कभी पानी नही सूखता। यहाँ जाने वाले मार्ग में बाँसडिया (ओगणा) बांध पडता है, जिसकी 42 फ़ीट भराव क्षमता है। यह प्रदेश में सबसे बड़ा मिट्टी का बांध भी माना जाता है।
केलेश्वर महादेव-
उदयपुर से लगभग चालीस किलोमीटर दूर एक और पर्यटन स्थल हैं केलेश्वर महादेव। पहाड़ियों के बीच सुरम्य वातावरण में बसे मंदिर का माहौल देखते ही बनता है। इस मंदिर के पास ही लगभग पचास फ़ीट की ऊंचाई से झरना बहता है। बारिश के मौसम में केलेश्वर महादेव मंदिर पिकनिक के लिए यूथ की पहली पसन्द बना रहता है।
सान्डोल माता एनीकट-
उदयपुर-झाड़ोल-ईडर नेशनल हाइवे 58ई पर उदयपुर से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर बना सान्डोल माता एनीकट वर्षो से पर्यटकों की पसंद बना हुआ है।बारिश के दौरान एनीकट ओवरफ्लो होते ही यहां पर्यटकों की भीड़ लग जाती है।मुख्य मार्ग के किनारे बने होने की वजह से यहां पहुंचना आसान है। वहीं वन विभाग ने जिपलाइन सहित वाटर स्पोर्ट्स की सुविधाएं भी शुरू की हैं, जिससे यहाँ आने वाले पर्यटक रोमांच की अनुभूति कर सके। मुख्य एनीकट के नीचे छोटे—छोटे चेक डेम बना रखे है। यहां लोग नहाने का लुफ्त उठाते हैं।
कमलनाथ महादेव –
अरावली की पहाड़ियों के बीच बसा कमलनाथ महादेव मंदिर उदयपुर का भी प्रमुख धार्मिक स्थल है। उदयपुर से लगभग साठ किलोमीटर की दूरी पर आवरगढ़ की पहाड़ियों में बने मंदिर के चारों तरफ का वातावरण शांत और हरियाली से ओत प्रोत है। साथ ही मंदिर परिसर में पानी का कुंड बना हुआ है। भीषण गर्मी में भी इस कुंड में पानी की धार बहती रहती है। वहीं ऊपर पहाड़ियों पर प्राचीन जैन मंदिर के अवशेष है। यहां परकोटे भी बने हुए है, जहां महाराणा प्रताप ने आपातकाल के दौर में वक्त बिताया था। बारिश के दिनों में यह क्षेत्र किसी जन्नत से कम नहीं लगता।