High Court Decision on JJM Scam : हाई कोर्ट की खंडपीठ ने करोड़ों रुपए के जेजेएम घोटाले से जुड़े मामले में कठोर रूख अपनाते हुए ईडी से पूछा है कि इसमें सिर्फ दो फर्मों के खिलाफ ही क्यों कार्रवाई की, बाकी के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लिया। प्रार्थी पक्ष की ओर से अधिवक्ता पूनमचंद भंडारी व डॉ. टीएन शर्मा ने बताया कि मामले में केवल दो फर्मों गणपति ट्यूबवेल व श्याम ट्यूबवेल के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज की है, जबकि उन्होंने दस्तावेज सहित सरकार को शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई में बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा है और उनके खिलाफ कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया।
… कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी
हाई कोर्ट की खंडपीठ ने प्रार्थी पक्ष की ओर से दिए गए प्रति जवाब में लगाए आरोपों का जवाब देने के लिए कहा है। एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा व जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह निर्देश बुधवार को पब्लिक अगेंस्ट करप्शन संस्था की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से एएसजी भरत व्यास ने कहा कि मामले में कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारियां की हैं। आगे जांच में अन्य तथ्य आने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
तीन हफ्ते बाद होगी अगली सुनवाई
इसके विरोध में प्रार्थी पक्ष की ओर से अधिवक्ता पूनमचंद भंडारी व डॉ. टीएन शर्मा के अनुसार ओम इंफ्रा व मैसर्स मांगीलाल विश्नोई फर्म सहित अन्य के खिलाफ भी शिकायत की थी। उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो। खंडपीठ ने दोनों पक्षों को सुनकर ईडी को कहा कि वह प्रार्थी पक्ष की ओर से दिए जवाब के प्रति जवाब में उठाई आपत्तियों का जवाब दें। खंडपीठ ने मामले की आगामी सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की है।