Kirodi Lal Meena News : कैबिनेट मंत्री बाबा डाक्टर किरोड़ीलाल मीणा अपनी बेबाकी अंदाज के कारण सदा चर्चा में रहते हैं। वे स्वयं साफ सुथरी राजनीति में भरोसा करते हैं और दूसरों से भी अपेक्षा करते हैं। लेकिन वर्तमान राजनीति में जो कुछ चल रहा है, उसको लेकर वो स्वयं को असहज महसूस करते हैं। उन्होंने आगे कहा- आजकल की राजनीति कॉमर्शियल हो गई है। लोग धंधा करने के लिए राजनीति में आ रहे हैं, लेकिन मेरा भाव सेवा करने का है।
बाबा ने कहा कि उनके लिए समाज सबसे पहले है। दल अपनी जगह है। मैंने समाज को भरोसा देरखा है कि कभी भी कोई काम पड़ जाए, तो सेवा में तैयार रहूंगा। ना दल देखूंगा ना क्षेत्र। समरावता कांड में गिरफ्तार बच्चों से जेल में मिलने गया तो मुझे डांट पड़ी थी। तब मुझे कहा गया कि मंत्री रहते हुए आपको अपराधियों से नहीं मिलना चाहिए। मैंने कहा- ऐसे संकट की घड़ी में समाज के भाई-बहनों को जाकर नहीं संभाला तो उससे बड़ा कोई पाप नहीं होगा।
वसुंधरा ने पार्टी से निकाला, आज फिर दोनों साथ
किरोड़ी ने कहा- मेरा पार्टी ने एक बार टिकट काट दिया था। लोगों ने कहा- कांग्रेस में जाते तो कुछ बन जाते। लेकिन मैं छोटी उम्र से RSS का स्वयंसेवक रहा। कॉलेज में पढ़ने के दौरान इमरजेंसी लगी थी। तब संघ पर प्रतिबंध लगा दिया और बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया था। मुझे भी जेल में डाल दिया गया था। तब से आज तक पार्टी के साथ लगा रहा। कितना परिश्रम किया, मेहनत की, चुनाव जीते और हारे। हर विपरीत परिस्थिति में मेरे भाई-बहनों ने मेरी मदद की, जिसके कारण आज भी राजनीति में जिंदा हूं। उस समय वसुंधरा राजे ने पार्टी से निकाल दिया था, लेकिन आज हम दोनों फिर से एक ही पार्टी में हैं। टिकट भी काट दिया था, तब लोगों ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए कहा था। चुनाव लड़ा और जीत गया।
राजस्थान के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि 2009 में दौसा से चुनाव लड़ा तब चुनाव आयोग ने चप्पे-चप्पे पर सेना तैनात कर दी। आसमान में हवाई जहाज और ड्रोन तैनात कर दिए, लेकिन दौसा की जनता ने किसी की परवाह नहीं की और मुझे सर्वाधिक मतों से निर्दलीय सांसद चुनकर भेजा। बीजेपी और कांग्रेस के जो नेता मेरे सामने लड़े थे, उन दोनों की जमानत जब्त करवा दी। राष्ट्रीय पार्टी के नेताओं की जमानत जब्त हो जाए, इससे बड़ा काम नहीं हो सकता। यह आप सभी का बहुत बड़ा एहसान है। मैं पार्टी के एहसान को भी नहीं भूल सकता।
जिन्दा हूं तब तक आरक्षण को कोई हाथ नहीं लगा सकता
किरोड़ी ने कहा- कई बार बात आई कि प्रधानमंत्री मोदी आरक्षण को खत्म कर देंगे, लेकिन जब तक डॉक्टर किरोड़ी लाल के तन में प्राण है, तब तक आपके आरक्षण का कोई भी कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता। किरोड़ी ने कहा- उस समय 32 विधायक थे। सब ने यह तय किया कि हमारे आरक्षण के साथ किसी प्रकार का कुठाराघात होगा तो हम सब एकजुट होकर विरोध करेंगे। बीजेपी, कांग्रेस और अन्य पार्टियों के साथियों ने पंचायत बुलाई थी। मुझे भरोसा दिलाया कि आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है, लेकिन जब चिट्ठी लिखने का समय आया और चिट्ठी दिल्ली जाने वाली थी, तो 32 में से 31 भाग गए। लेकिन किरोड़ी लाल ने सड़क पर उतरकर विरोध करने का काम किया था।
मुझे गिरफ्तार किया गया
किरोड़ी ने कहा- मैं 45 साल से राजनीति में हूं। कई चुनाव जीते-हारे और साथ में कई आंदोलन भी किए। अजमेर में भी पिछले राज में आया और RPSC में घुस गया। तभी RPSC अध्यक्ष को पकड़ा और कहा- ‘ए मिस्टर चेयरमैन, तुम्हारी नाक के नीचे पेपर लीक हो रहे हैं, यह नहीं चलेगा। किरोड़ी ने कहा- उस समय कांग्रेस की सरकार थी। पुलिस वाले मुझे उठाकर ले गए और गिरफ्तार कर लिया। लेकिन मैंने सभी जातियों के लिए लड़ाई लड़ी और पेपर दोबारा करवाने के बाद ही उठा था। राज बदला और 63 थानेदार सहित RPSC के कई मेंबर को जेल में डाल दिया।
किरोड़ी ने कहा- एक मेंबर बाबूलाल कटारा है। मैं उससे 20 दिन पहले मिलकर आया था। लोगों ने कहा कि आप मंत्री हो, आप जा नहीं सकते। मैं उससे यह पूछने गया था कि सब छूट गए, तो वह क्यों नहीं छूट रहा। तब कटारा ने कहा- मैं तो 1 करोड़ 20 लाख रुपए देकर मेंबर बना था। जिसने मुझे मेंबर बनाया, उसने अध्यक्ष शिव सिंह राठौड़ से मिलकर पेपर लीक करवाए थे। मैं मुख्यमंत्री से भी कहूंगा कि शिव सिंह राठौड़ के हाथों में भी हथकड़ी लगनी चाहिए, सिर्फ आदिवासी के हाथों में हथकड़ी डालने से काम नहीं चलेगा। शिव सिंह राठौड़ भी इसमें शामिल हैं।
बेनीवाल बात करेंगे तो मैं भी कर लूंगा
हनुमान बेनीवाल से चल रहे विवाद पर किरोड़ी लाल मीणा ने कहा- मेरी उनसे अभी कोई बात नहीं हुई। परिवार का मामला है, हो जाता है। मैं गंभीरता से नहीं लेता, वह बात करेंगे तो मैं भी कर लूंगा।