Rajasthan Refinery : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नए साल में देश को राजस्थान से रिफाइनरी का तोहफा देंगे। मोदी इसके पहले चरण का 2026 जनवरी में शुभारंभ करेंगे। रिफाइनरी मे कॉमर्शियल प्रोडक्शन जुलाई 2026 से शुरू होगा। बाड़मेर रिफाइनरी की लागत बढ़कर 80 हजार करोड़ रुपए हुई। मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि सरकार और एचपीसीएल के बीच 18 अप्रैल 2017 को एमओयू हुआ था। उस समय रिफाइनरी की अनुमानित प्रारंभिक लागत 43 हजार 129 करोड़ रुपए थी।
वहीं काम 31 अक्टूबर 2022 तक पूरा किया जाना था, लेकिन पिछली कांग्रेस सरकार के समय 2 जून 2023 को परियोजना की लागत बढ़कर 72,937 करोड़ रुपए हो गई। अब कंपनी ने 24 जुलाई 2025 को रिफाइनरी के लागत मूल्य में द्वितीय संशोधन प्रस्ताव सरकार को प्रस्तुत किया। इस प्रस्ताव का मूल्यांकन राज्य सरकार ने भारत सरकार के उपक्रम में मेकॉन लिमिटेड द्वारा करवाया। मेकॉन लिमिटेड की रिपोर्ट का राज्य सरकार द्वारा गठित समिति ने परीक्षण किया। इसी क्रम में कंपनी के द्वितीय संशोधन लागत मूल्य प्रस्ताव को आज कैबिनेट ने राज्यहित में मंजूरी दी है। अब राजस्थान रिफाइनरी की संशोधित लागत 79 हजार 459 करोड़ रुपए हो गई है।
राजस्थान में 15 साल पुराने वाहनों को खत्म किया जाएगा
भजनलाल सरकार की कैबिनेट बैठक में राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति मंजूर की गई। बजट में सरकार ने इसकी घोषणा की थी। इस नीति में 15 साल की अवधिपार कर चुके सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने का प्रावधान किया गया है। डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने बताया- नीति के तहत 15 साल की अवधिपार कर चुके वाहन, प्रदूषण फैलाने वाले वाहन, कबाड़ी के पास पड़े वाहनों सहित अन्य वाहनों को स्क्रैप किया जा सकेगा।
1 लाख की छूट मिल सकेगी
वाहन मालिक को सर्टिफिकेट जारी किया जा सकेगा। इससे उसे नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर 50 प्रतिशत और अधिकतम 1 लाख रुपए की छूट मिल सकेगी। इससे पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जाएगा। स्क्रैपिंग यूनिट को भी विशेष छूट मिलेगी। जिससे ज्यादा से ज्यादा यूनिट राजस्थान में लग सके।
SOG-ATS के पुलिसकर्मियों को 25% अधिक वेतन
प्रदेश में अब विशेष पुलिस सेवा (एसओजी, एटीएस) कार्मिकों को मूल वेतन का 25 प्रतिशत अतिरिक्त मिलेगा। अभी तक इन एजेंसियों में काम करने वाले पुलिसकर्मियों को मूल वेतन का 15 प्रतिशत अधिक मिलता था। कैबिनेट ने इन पुलिस कार्मिकों को मूल वेतन का 25 प्रतिशत अधिक देने को मंजूरी दी है।
विशेष चयन के माध्यम से भरा जा सकेगा विधानसभा में मार्शल का पद
कैबिनेट मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने बताया कि अभी तक विधानसभा में मार्शल, अतिरिक्त मार्शल और उप मार्शल के पदों पर राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारियों को ही नियुक्ति दी जाती थी। लेकिन अब इन पदों सैन्य एवं अर्द्ध सैन्य बलों के अधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति, स्थानांतरण अथवा विशेष चयन के माध्यम से नियुक्ति हो सकेगी। इसके लिए कैबिनेट ने राजस्थान विधानसभा सचिवालय (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) नियम 1992 में संशोधन को मंजूरी दे दी है।