Ganesh Mandir News : राजस्थान के सवाई माधोपुर में दुनिया का अकेला ऐसा मंदिर हैं, जहां भगवान पूरे परिवार (रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ के साथ) केसाथ बिराजमान हैं और उनके तीन नेत्र हैं। तीन नेत्र होने के कारण उन्हें त्रिनेत्र गणेश मंदिर के नाम से जाना जाता है। हर साल लाखों भक्त भगवान के दर्शन कर अपनी मुराद पूरी करते हैं। वैसे तो रोज ही भक्तों का तांता लगा रहता है।
टाइगर अंधेरा होने पर मंदिर के आसपास घूमते रहते हैं और वहीं पानी पीते हैं। राजस्थान के ज्यादातर लोग विवाह का पहला निमंत्रण त्रिनेत्र गणेश मंदिर में देकर ही शुुभ कामों की शुरूआत करते हैं। इतना ही नहीं बल्कि लोग अपनी मन्नत भी पूरी करते हैं। गणेश जी की सवारी मूषक विग्रह के आसपास ही घूमते रहते हैं। त्रिनेत्र गणेश मंदिर, 13वीं शताब्दी में निर्मित रणथंभौर किले के भीतर स्थित सबसे पुराने मंदिरों में से एक है।
त्रिनेत्र गणेश मंदिर की खासियत
(Specialties of Trinetra Ganesh Temple)
(Specialties of Trinetra Ganesh Temple)
- रणथंभौर किला, सवाई माधोपुर, राजस्थान की पहाडियों पर स्थित है मंदिर
- मान्यता है कि 1299 ईस्वी में राजा हम्मीर और अलाउद्दीन खिलजी के युद्ध के समय भगवान गणेश ने राजा के सपने में दर्शन दिए थे और किले की दीवार पर उनके प्रतीक प्रगट हुए थे।
- त्रिनेत्र (तीन आंखें) रूप में गणेश जी की मूर्ति।
- यहाँ श्रद्धालु विवाह और अन्य शुभ कार्यों का निमंत्रण पत्र भेजते हैं।
- गणेश चतुर्थी के अवसर पर यहां भव्य मेला लगता है और हजारों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं।
- मंदिर सुबह 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुला रहता है।
त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने के लिए टिप्स
(Tips for visiting Trinetra Ganesh Temple)
(Tips for visiting Trinetra Ganesh Temple)
- मंदिर तक पहुँचने के लिए किले के अंदर चढ़ाई करनी पड़ती है, जो वरिष्ठ नागरिकों के लिए कठिन हो सकती है।
- दर्शन के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि दोपहर में गर्मी अधिक हो सकती है।
- यहाँ चमड़े की वस्तुएं, मांसाहारी भोजन आदि प्रतिबंधित हैं।
- किले के आसपास घने जंगल और रणथंभौर नेशनल पार्क का नज़ारा देखने को मिलता है।