Traffic Rules : राजस्थान पुलिस ने अब भय बिन प्रीत न हो गुसाई की कहावत को चरितार्थ करने का फैसला किया है। तुलसीदास जी की रामायण में यह लिखी पंक्तियां अब लोगों की जान बचाने का काम करेगी, साथ ही लोगों में भय भी पैदा करेगी, ताकि वो कोई गलती ना करें। गलती करी तो सजा भुगतनी ही होगी। राजस्थान पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुशलगाने, लोगों की जान बचाने के हिसाब से अब तीसरी आंख वो भी बहुत तेज वाली का उपयोग करने का फैसला किया है। इस आंख की नजर से अब कोई बच नहीं सकेगा, कानून तोडते ही उसके मोबाइल पर चालान का फरमान आ जाएगा।
इसकी शुरूआत नेशनल हाइवे 48 के शाहजहांपुर से अजमेर खंड पर की जा रही है। नई व्यवस्था के तहत हाईवे पर नियम तोड़ने वालों पर स्मार्ट कैमरों के जरिए कड़ी नजर रखी जाएगी।एनएच-48 पर 27 महत्वपूर्ण स्थानों पर गैंट्री आधारित प्रवर्तन इकाइयां स्थापित की गई हैं। इन इकाइयों में हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और इंटेलिजेंट एनालिटिक्स सिस्टम लगाए गए हैं, जो बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के रियल टाइम में यातायात नियमों के उल्लंघन को पहचानने में सक्षम हैं। सीधे मोबाइल पर चालान ही आएगा नई प्रणाली के तहत अब चालान काटने के लिए पुलिस को वाहन रोकने की जरूरत नहीं होगी।
जैसे ही कोई वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करेगा, कैमरा उसे रिकॉर्ड कर लेगा और सिस्टम स्वतः मोटर वाहन अधिनियम के तहत ई-चालान तैयार कर देगा। यह ई-चालान सीधे वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेज दिया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और यातायात संचालन भी बाधित नहीं होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह हाईटेक सिस्टम मुख्य रूप से सात प्रकार के गंभीर उल्लंघनों पर नजर रखेगा।
इनमें निर्धारित सीमा से अधिक गति, बिना हेलमेट वाहन चलाना, दोपहिया वाहन पर तीन सवारी, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग, सीट बेल्ट न लगाना, लेन का उल्लंघन करना और गलत दिशा में वाहन चलाना शामिल है। इन सभी मामलों में स्वतः चालान जारी किया जाएगा।